< यूहन्ना 7 >

1 इन बातों के बाद मसीह येशु गलील प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में यात्रा करने लगे. वह यहूदिया प्रदेश में जाना नहीं चाहते थे क्योंकि यहूदी अगुए उनकी हत्या की ताक में थे.
ᎾᏍᎩᏃ ᏄᎵᏍᏔᏂᏙᎸ ᏥᏌ ᎨᎵᎵ ᎤᏪᏙᎸᎩ; ᎥᏝᏰᏃ ᏳᏚᎵᏍᎨ ᏧᏗᏱ ᎤᏪᏓᏍᏗᏱ, ᏅᏓᎦᎵᏍᏙᏗᏍᎬᎩ ᎠᏂᏧᏏ ᎠᎾᏁᎶᏗᏍᎬ ᎬᏩᎯᏍᏗᏱ.
2 यहूदियों का एक पर्व—झोपड़ियों का उत्सव—पास था.
ᎠᏂᏧᏏ ᏕᎦᎵᏦᏛᎢ-ᏧᎾᎵᏍᏓᏴᏗᏱ ᎤᏍᏆᎸᎯᏗᏒᎩ.
3 मसीह येशु के भाइयों ने उनसे कहा, “यहूदिया चले जाओ जिससे तुम्हारे चेले तुम्हारे इन कामों को देख सकें;
ᎠᎾᎵᏅᏟᏃ ᎯᎠ ᏂᎬᏩᏪᏎᎸᎩ; ᎭᏓᏅᎾ, ᎠᎴ ᏧᏗᏱ ᏫᎶᎯ, ᎾᏍᎩᏃ ᎨᏣᏍᏓᏩᏗᏙᎯ ᎾᏍᏉ ᎠᏂᎪᎲᎭ ᏄᏍᏛ ᏕᏣᎸᏫᏍᏓᏁᎲᎢ.
4 ख्याति चाहनेवाला व्यक्ति अपने काम गुप्‍त में नहीं करता. जब तुम ये काम करते ही हो तो स्वयं को संसार पर प्रकट कर दो.”
ᎥᏝᏰᏃ ᎩᎶ ᎠᏥᎦᏔᎯ ᎢᏳᎵᏍᏙᏗᏱ ᏧᏚᎵᏍᎪᎢ ᎤᏕᎵᏛ ᏱᏚᎸᏫᏍᏓᏁᎰᎢ. ᎢᏳᏃ ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᎿᎭᏛᏁᎮᏍᏗ, ᎡᎶᎯ ᎬᏂᎨᏒ ᏂᏯᏛᏂᏏ.
5 मसीह येशु के भाइयों तक को उनमें विश्वास नहीं था.
ᎠᎾᎵᏅᏟᏰᏃ ᎾᏍᏉ ᎥᏝ ᏱᎬᏬᎯᏳᎲᏍᎨᎢ.
6 इस पर मसीह येशु ने उनसे कहा, “तुम्हारा सही समय तो कभी भी आ सकता है किंतु मेरा सही समय अभी नहीं आया.
ᎿᎭᏉᏃ ᏥᏌ ᎯᎠ ᏂᏚᏪᏎᎸᎩ; ᎥᏝ ᎠᏏ ᏯᎩᏍᏆᎸᎡᎭ; ᏂᎯᏍᎩᏂ ᏂᎪᎯᎸᏉ ᎢᏥᏍᏆᎸᎡᎰᎢ.
7 संसार तुमसे घृणा नहीं कर सकता—वह मुझसे घृणा करता है क्योंकि मैं यह प्रकट करता हूं कि उसके काम बुरे हैं.
ᎡᎶᎯ ᎥᏝ ᎢᏥᏍᎦᎩ ᏱᏅᎦᎵᏍᏓ; ᎠᏴᏍᎩᏂ ᎠᎩᏍᎦᎦ, ᏅᏗᎦᎵᏍᏙᏗᎭ ᏥᏥᏃᎮᎭ ᎾᏍᎩ ᏚᎸᏫᏍᏓᏁᎲ ᎤᏲᎢᏳ ᎨᏒᎢ.
8 तुम पर्व में जाओ. मैं अभी नहीं जाऊंगा क्योंकि मेरा समय अभी तक पूरा नहीं हुआ है.”
ᏂᎯ ᏙᏗᎾᎵᏍᏓᏴᎲᏍᎬ ᎢᏤᎾ; ᎥᏝ ᎠᏏ ᎠᏴ ᏙᏗᎾᎵᏍᏓᏴᎲᏍᎬ ᏴᏓᎨᏏ; ᎥᏝᏰᏃ ᎠᏏ ᏯᎩᏍᏆᎸᎡᎸ.
9 यह कहकर मसीह येशु गलील प्रदेश में ही ठहरे रहे.
ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᏂᏚᏪᏎᎸ, ᎠᏏᏉ ᎤᏪᏙᎸᎩ ᎨᎵᎵ.
10 अपने भाइयों के झोपड़ियों के उत्सव में चले जाने के बाद वे भी गुप्‍त रूप से वहां गए.
ᎠᏎᏃ ᎠᎾᎵᏅᏟ ᎤᏁᏅᏛ ᏂᎨᏐᎢ, ᎿᎭᏉ ᎾᏍᏉ ᏙᏗᎾᎵᏍᏓᏴᎲᏍᎬ ᎤᏪᏅᏒᎩ, ᎥᏝ ᎬᏂᎨᏒᎢ, ᎤᏕᎵᏛᏉᏍᎩᏂ ᎢᏳᏍᏗ.
11 उत्सव में कुछ यहूदी अगुए मसीह येशु को खोजते हुए पूछताछ कर रहे थे, “कहां है वह?”
ᎿᎭᏉᏃ ᎠᏂᏧᏏ ᎬᏩᏲᎸᎩ ᏓᎾᎵᏍᏓᏴᎲᏍᎬᎢ, ᎠᎴ ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎭᏢ ᎾᏍᎩ ᎡᏙᎭ?
12 यद्यपि मसीह येशु के विषय में लोगों में बड़ा विवाद हो रहा था—कुछ कह रहे थे, “वह भला व्यक्ति है.” और कुछ का कहना था, “नहीं, वह भरमानेवाला है—सबके साथ छल करता है.”
ᎤᏣᏛᏃ ᎤᏕᎵᏛ ᏓᎾᎵᏃᎮᎵᏙᎲᎩ ᏴᏫ ᎾᏍᎩ ᎬᏩᏃᎮᏍᎬᎢ; ᎢᎦᏛᏰᏃ ᎯᎠ ᎾᏂᏪᏍᎬᎩ; ᎣᏏᏳ ᎠᏍᎦᏯ; ᎢᎦᏛᏃ, ᎥᏝ, ᏕᎦᎶᏄᎮᏉ ᏴᏫ, ᎠᎾᏗᏍᎬᎩ.
13 तौभी कोई भी व्यक्ति यहूदियों के भय के कारण मसीह येशु के विषय में खुलकर बात नहीं करता था.
ᎠᏎᏃ ᎥᏝ ᎩᎶ ᎬᏂᎨᏒ ᏳᏃᎮᏍᎨᎢ, ᎤᏓᎦᎵᏍᏙᏗᏍᎬᎩ ᏓᏂᎾᏰᏍᎬ ᎠᏂᏧᏏ.
14 जब उत्सव के मध्य मसीह येशु मंदिर में जाकर शिक्षा देने लगे,
ᎿᎭᏉᏃ ᎠᏰᎵ ᎢᏴᏛ ᎠᎵᏰᎢᎵᏒ ᏓᎾᎵᏍᏓᏴᎲᏍᎬᎢ ᏥᏌ ᎤᏛᏅ-ᏗᎦᎳᏫᎢᏍᏗᏱ ᎤᏴᎸᎩ, ᎠᎴ ᏚᏕᏲᏅᎩ.
15 यहूदी अगुए चकित होकर कहने लगे, “यह व्यक्ति बिना पढ़े ज्ञानी कैसे बन गया?”
ᎠᏂᏧᏏᏃ ᎤᏂᏍᏆᏂᎪᏒᎩ, ᎠᎴ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎦᏙ ᎤᎵᏍᏙᏔᏅ ᎯᎠ ᎠᏍᎦᏯ ᎪᏪᎵ ᏗᏏᎾᏏᏳ ᏥᎩ, ᏧᏕᎶᏆᎥᎯᏃ ᏂᎨᏒᎾ?
16 मसीह येशु ने उन्हें उत्तर दिया, “यह शिक्षा मेरी नहीं परंतु उनकी है, जिन्होंने मुझे भेजा है.
ᏥᏌ ᏚᏁᏤᎸᎩ, ᎯᎠ ᏄᏪᏒᎩ; ᏥᏕᎦᏕᏲᎲᏍᎦ, ᎥᏝ ᎠᏆᏤᎵᎦ ᏱᎩ, ᎤᏤᎵᎦᏍᎩᏂ ᏅᏛᎩᏅᏏᏛ.
17 यदि कोई व्यक्ति उनकी इच्छा पूरी करने के लिए प्रण करे तो उसे यह मालूम हो जाएगा कि यह शिक्षा परमेश्वर की ओर से है या मेरी ओर से.
ᎢᏳᏃ ᎩᎶ ᎤᏚᎵᏍᎨᏍᏗ ᎾᏍᎩ ᏄᏍᏛ ᎤᏚᎵᏍᎬ ᏧᎸᏫᏍᏓᏁᏗᏱ, ᎠᏎ ᎤᏙᎴᎰᎯᏍᏗ ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᏥᏕᎦᏕᏲᎲᏍᎦ ᎤᏁᎳᏅᎯ ᏅᏓᏳᏓᎴᏅᎯ ᎨᏎᏍᏗ, ᎠᎴ ᏥᏬᏂᏍᎬ ᎠᏋᏒᏉ ᎠᏆᏓᏅᏖᎸᎯ ᎢᎨᏎᏍᏗ.
18 वह, जो अपने ही विचार प्रस्तुत करता है, अपना ही आदर चाहता है, परंतु वह, जो अपने भेजनेवाले का आदर चाहता है, वह बिलकुल सच्चा है और उसमें कोई छल नहीं.
ᎩᎶ ᎤᏩᏒ ᎤᏓᏅᏖᏛ ᏥᎦᏬᏂᏍᎪᎢ, ᎤᏩᏒᏉ ᎠᏥᎸᏉᏗᏳ ᎢᏳᎵᏍᏙᏗᏱ ᎤᏲᎰᎢ; ᎩᎶᏍᎩᏂ ᏅᏓᏳᏅᏏᏛ ᎠᏥᎸᏉᏗᏳ ᎢᏳᎵᏍᏙᏗᏱ ᏧᏲᎰᎢ, ᎾᏍᎩ ᏚᏳᎪᏛ ᎨᏐᎢ, ᎠᎴ ᎥᏝ ᎠᏠᎾᏍᏗ ᎨᏒ ᏳᏓᏑᏲᎢ.
19 क्या मोशेह ने तुम्हें व्यवस्था नहीं दी? फिर भी तुममें से कोई उसका पालन नहीं करता. मेरी हत्या की ताक में क्यों हो तुम?”
ᏝᏍᎪ ᎼᏏ ᏱᏥᏁᎴ ᏗᎧᎿᎭᏩᏛᏍᏗ? ᎠᏎᏃ ᎥᏝ ᎩᎶ ᏳᏓᏑᏯ ᏗᎧᎿᎭᏩᏛᏍᏗ ᏂᎦᏪᏍᎬ ᏱᎾᏛᏁᎭ. ᎦᏙᏃ ᎢᏣᏚᎵ ᏍᎩᎢᏍᏗᏱ?
20 भीड़ ने उत्तर दिया, “कौन तुम्हारी हत्या करना चाहता है? तुम दुष्टात्मा से पीड़ित हो.”
ᎤᏂᏣᏘ ᎤᏂᏁᏨᎩ, ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎠᏍᎩᎾ ᏣᏯᎠ; ᎦᎪ ᎤᏚᎵ ᏣᎯᏍᏗᏱ?
21 मसीह येशु ने कहा, “मैंने शब्बाथ पर एक चमत्कार किया और तुम सब क्रोधित हो गए.
ᏥᏌ ᎤᏁᏨᎩ, ᎯᎠ ᏂᏚᏪᏎᎸᎩ; ᏑᏓᎴᎩ ᏓᎩᎸᏫᏍᏓᏁᎸ, ᏂᏥᎥᏃ ᎢᏥᏍᏆᏂᎪᏍᎦ.
22 मोशेह ने तुम्हें ख़तना विधि दी—परंतु इसको आरंभ करनेवाले मोशेह नहीं, हमारे गोत्रपिता हैं—जिसके अनुसार तुम शब्बाथ पर भी ख़तना करते हो.
ᎼᏏ ᎠᎱᏍᏕᏍᏗ ᎨᏒ ᎢᏥᏁᎸᎩ; ᎥᏝᏍᎩᏂᏃᏅ ᎼᏏ ᎤᎾᏄᎪᏫᏒᎯ ᏱᎩ, ᎠᏂᎦᏴᎵᎨᏍᎩᏂ ᎤᏂᎾᏄᎪᏫᏒᎯ; ᏂᎯᏃ ᎤᎾᏙᏓᏆᏍᎬᏃ ᎢᎡᏥᎤᏍᏕᏎᎰ ᎠᏍᎦᏯ.
23 तुम शब्बाथ पर भी ख़तना करते हो कि मोशेह की व्यवस्था भंग न हो, तो तुम लोग इससे गुस्से में क्यों हो कि मैंने शब्बाथ पर किसी को पूरी तरह स्वस्थ किया?
ᎢᏳᏃ ᎠᏍᎦᏯ ᎤᎾᏙᏓᏆᏍᎬ ᎢᎦ ᏯᏥᎤᏍᏕᏎᎭ, ᏱᏅᏗᎦᎵᏍᏙᏗᎭ ᏗᎧᎿᎭᏩᏛᏍᏗ ᎼᏏ ᎤᏤᎵ ᎤᏲᎢᏍᏗ ᏂᎨᏒᎾ ᎨᏒᎢ, ᏥᎪ ᎢᏍᎩᏍᎦᎦ ᏅᏗᎦᎵᏍᏙᏗᎭ ᎠᏍᎦᏯ ᏂᎬ ᎠᏰᎸ ᏥᏥᏅᏩᏅ ᎤᎾᏙᏓᏆᏍᎬ ᎢᎦ?
24 तुम्हारा न्याय बाहरी रूप पर नहीं परंतु सच्चाई पर आधारित हो.”
ᏞᏍᏗ ᏕᏣᎧᏂᏍᎬᏉ ᏱᏗᏧᎪᏗᏍᎨᏍᏗ, ᏚᏳᎪᏛᏍᎩᏂ ᏕᏧᎪᏗᏍᎨᏍᏗ.
25 येरूशलेम निवासियों में से कुछ ने यह प्रश्न किया, “क्या यह वही नहीं, वे जिसकी हत्या की ताक में हैं?
ᎿᎭᏉᏃ ᎢᎦᏛ ᏥᎷᏏᎵᎻ ᎠᏁᎯ ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ, ᏝᏍᎪ ᎾᏍᎩ Ꮎ ᎯᎠ ᏱᎩ ᏧᎾᏚᎵ ᎤᏂᎯᏍᏗᏱ?
26 परंतु देखो, वह भीड़ से खुलकर, बिना डर के बातें करता है और अधिकारी कुछ भी नहीं कहते! कहीं ऐसा तो नहीं कि अधिकारियों को मालूम हो गया है कि यही वास्तव में मसीह हैं?
ᎬᏂᏳᏉᏃ ᎾᏍᎦᎢᎲᎾ ᎦᏬᏂᎭ, ᎠᎴ ᎥᏝ ᎪᎱᏍᏗ ᏯᏃᏎᎭ. ᏥᏌ ᎤᏂᎬᏫᏳᎯ ᎤᏙᎯᏳᎯ ᎠᏂᎦᏔᎭ ᎾᏍᎩ ᎤᏙᎯᏳᎯᏯ ᎦᎶᏁᏛ ᎨᏒᎢ?
27 इस व्यक्ति की पृष्ठभूमि हमें मालूम है, किंतु जब मसीह प्रकट होंगे तो किसी को यह मालूम नहीं होगा कि वह कहां के हैं.”
ᎠᏎᏃ ᎢᏗᎦᏔᎭ ᎯᎠ ᎠᏍᎦᏯ ᏧᏓᎴᏅᎢ, ᎦᎶᏁᏛᏍᎩᏂ ᎦᎷᏨᎭ ᎥᏝ ᎩᎶ ᏱᎬᎦᏔᎮᏍᏗ ᏧᏓᎴᏅᎢ.
28 मंदिर में शिक्षा देते हुए मसीह येशु ने ऊंचे शब्द में कहा, “तुम मुझे जानते हो और यह भी जानते हो कि मैं कहां से आया हूं. सच यह है कि मैं स्वयं नहीं आया. जिन्होंने मुझे भेजा है, वह सच्चा है किंतु तुम उन्हें नहीं जानते,
ᎿᎭᏉᏃ ᏥᏌ ᎤᏪᎷᏅᎩ ᎤᏛᏅᏗᎦᎳᏫᎢᏍᏗᏱ ᏓᏕᏲᎲᏍᎬᎢ, ᎯᎠ ᏄᏪᏒᎩ; ᏍᎩᎦᏔᎭ, ᎠᎴ ᎾᏍᏉ ᎢᏥᎦᏔᎭ ᏗᏆᏓᎴᏅᎢ; ᎠᎴ ᎥᏝ ᎠᏋᏒᏉ ᎠᏆᏓᏅᏖᏛ ᏯᎩᎷᏨ, ᏅᏛᎩᏅᏏᏛᏍᎩᏂ ᏚᏳᎪᏛᎢ, ᎾᏍᎩ ᏁᏥᎦᏔᎲᎾ ᏥᎩ.
29 मैं उन्हें जानता हूं क्योंकि उन्हीं में से मैं हूं और मुझे उन्हीं ने भेजा है.”
ᎠᏴᏍᎩᏂ ᏥᎦᏔᎭ, ᎾᎿᎭᏰᏃ ᏅᏛᏆᏓᎴᏅᎯ, ᎠᎴ ᎾᏍᎩ ᏗᎩᏅᏒ.
30 यह सुनकर उन्होंने मसीह येशु को बंदी बनाना चाहा किंतु किसी ने उन पर हाथ न डाला क्योंकि उनका समय अब तक नहीं आया था.
ᎿᎭᏉᏃ ᎤᎾᏓᏅᏖᎸᎩ ᎬᏩᏂᏴᏗᏱ: ᎠᏎᏃ ᎥᏝ ᎩᎶ ᏳᏏᏔᏕᎢ, ᏅᏓᎦᎵᏍᏙᏗᏍᎬᎩ ᎠᏏ ᏄᏍᏆᎸᎡᎸᎾ ᎨᏒᎢ.
31 फिर भी भीड़ में से अनेकों ने मसीह येशु में विश्वास रखा तथा विचार-विमर्श करने लगे, “क्या प्रकट होने पर मसीह इस व्यक्ति से अधिक अद्भुत चिह्न प्रदर्शित करेंगे?”
ᎠᎴ ᎤᏂᏣᏛᎩ ᎬᏬᎯᏳᏅᎩ, ᎠᎴ ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎦᎶᏁᏛ ᎦᎷᏨᎭ, ᏥᎪ ᎤᏟ ᎢᎦᎢ ᎤᏍᏆᏂᎪᏗ ᏙᏓᏳᎸᏫᏍᏓᏁᎵ, ᎡᏍᎦᏉ ᎯᎠ ᎾᏍᎩ ᏥᏚᎸᏫᏍᏓᏁᎸ?
32 फ़रीसियों ने भीड़ को इस विषय में आपस में विचार-विमर्श करते हुए सुन लिया. इसलिये मसीह येशु को बंदी बनाने के लिए प्रधान पुरोहितों व फ़रीसियों ने मंदिर के पहरेदारों को भेजा.
ᎠᏂᏆᎵᏏ ᎤᎾᏛᎦᏅᎩ ᎤᏂᏣᏘ ᎾᏍᎩ ᎬᏩᏃᎮᏍᎬ ᎤᏕᎵᏛ ᏓᎾᎵᏃᎮᎵᏙᎲᎢ. ᎠᎴ ᎠᏂᏆᎵᏏ ᏄᏂᎬᏫᏳᏒᏃ ᎠᏥᎸ-ᎠᏁᎶᎯ ᏚᏂᏅᏒᎩ ᏗᎾᏓᏂᏱᏍᎩ ᎾᏍᎩ ᏭᏂᏂᏴᏗᏱ.
33 मसीह येशु ने उनसे कहा, “थोड़े समय के लिए मैं तुम्हारे साथ हूं, उसके बाद मैं अपने भेजनेवाले के पास लौट जाऊंगा.
ᎿᎭᏉᏃ ᏥᏌ ᎯᎠ ᏂᏚᏪᏎᎸᎩ; ᎠᏏ ᏞᎦ ᎢᏨᏰᎳᏗᏙᎭ, ᎿᎭᏉᏃ ᏅᏛᎩᏅᏏᏛ ᏧᏬᎸ ᏮᏛᏥᎶᏏ.
34 तुम मुझे खोजोगे किंतु पाओगे नहीं क्योंकि जहां मैं होऊंगा, तुम वहां नहीं आ सकते.”
ᏍᎩᏲᎮᏍᏗ, ᎠᏎᏃ ᏓᏍᎩᏯᏠᏥ; ᎠᎴ ᏫᎨᎥ ᎥᏝ ᏰᎵ ᏫᏴᎨᏥᎷᎩ.
35 इस पर यहूदी अगुए विचार-विमर्श करने लगे, “यह व्यक्ति कहां जाने पर है कि हम उसे खोज नहीं पाएंगे? क्या यह यूनानियों के मध्य प्रवासी यहूदियों में बसना चाहता है कि यूनानियों को भी शिक्षा दे?
ᎿᎭᏉᏃ ᎠᏂᏧᏏ ᎯᎠ ᏂᏚᎾᏓᏪᏎᎸᎩ, ᎭᏢ ᏮᏓᎦᎶᏏ, ᎦᏰᏗᏩᏛᏗ ᏂᎨᏒᎾ ᎢᎨᏎᏍᏗ? ᏧᎾᏓᎴᏅᏛᏍᎪ ᏴᏫ ᏓᏁᏩᏗᏒ ᎤᎾᏗᎦᎴᏲᏨᎯ ᏙᏛᏩᏛᎮᏏ, ᎠᎴ ᏫᏙᏓᎨᏲᏂ ᏧᎾᏓᎴᏅᏛ ᏴᏫ?
36 यह क्या कह रहा है कि तुम मुझे खोजोगे और नहीं पाओगे क्योंकि जहां मैं होऊंगा तुम वहां नहीं आ सकते?”
ᎦᏙ ᎦᏛᎦ ᎯᎠ ᏥᏄᏪᏒ; ᏍᎩᏲᎮᏍᏗ ᎠᏎᏃ ᏓᏍᎩᏯᏠᏥ, ᎠᎴ ᏫᎨᎥᎢ ᎥᏝ ᏫᏴᎨᏥᎷᎩ?
37 उत्सव के अंतिम दिन, जब उत्सव चरम सीमा पर होता है, मसीह येशु ने खड़े होकर ऊंचे शब्द में कहा, “यदि कोई प्यासा है तो मेरे पास आए और पिए.
ᎤᎵᏍᏆᎸᏗᏃ ᎢᎦ, ᎾᏍᎩ ᎦᎸᏉᏗ ᎢᎦ ᎨᏒ ᏓᎾᎵᏍᏓᏴᎲᏍᎬᎢ, ᏥᏌ ᏚᎴᏅᎩ ᎠᎴ ᎤᏪᎷᏅᎩ ᎯᎠ ᏄᏪᏒᎩ; ᎢᏳᏃ ᎩᎶ ᎤᏔᏕᎩᏍᎨᏍᏗ, ᎠᏴ ᏩᎩᎷᏥ, ᎠᎴ ᏩᏗᏔ.
38 जो मुझमें विश्वास करता है, जैसा कि पवित्र शास्त्र का लेख है: उसके अंदर से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगीं.”
ᎩᎶ ᎠᏉᎯᏳᎲᏍᎨᏍᏗ, ᎤᏍᏉᎵᏱ ᏕᎦᎾᏄᎪᎨᏍᏗ ᎡᏉᏂ ᎬᏂᏛ ᎠᎹ ᏕᎨᏰᏍᏗ; ᎾᏍᎩᏯ ᏥᏂᎦᏪ ᎪᏪᎵ.
39 यह उन्होंने पवित्र आत्मा के विषय में कहा था, जिन्हें उन पर विश्वास करनेवाले प्राप्‍त करने पर थे. पवित्र आत्मा अब तक उतरे नहीं थे क्योंकि मसीह येशु अब तक महिमा को न पहुंचे थे.
ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᏄᏪᏒ, ᎤᏪᏛᏨᎩ ᎠᏓᏅᏙ, ᎾᏍᎩ ᎬᏬᎯᏳᎲᏍᎩ ᎨᏥᏁᏗ ᎨᏒᎢ; ᏝᏰᏃ ᎠᏏ ᎦᎸᏉᏗᏳ ᎠᏓᏅᏙ ᏱᎦᎾᏄᎪᎨᎢ, ᏅᏓᎦᎵᏍᏙᏗᏍᎬᎩ ᏥᏌ ᎠᏏ ᎾᏥᎸᏉᏗᏍᎬᎾ ᎨᏒᎢ.
40 यह सब सुनकर भीड़ में से कुछ ने कहा, “सचमुच यह व्यक्ति ही वह भविष्यवक्ता है.”
ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᎤᏂᏣᏛ ᏴᏫ ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᎤᎾᏛᎦᏅ, ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎤᏙᎯᏳᎯᏯ ᎯᎠ ᎾᏍᎩ Ꮎ ᎠᏙᎴᎰᏍᎩ.
41 कुछ अन्य ने कहा, “यह मसीह हैं.” परंतु कुछ ने कहा, “मसीह का आना गलील से तो नहीं होगा न?
ᎢᎦᏛᏃ ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎯᎠ ᎾᏍᎩ ᎦᎶᏁᏛ. ᎠᏎᏃ ᎢᎦᏛ ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᏥᎪ ᎦᎶᏁᏛ ᎨᎵᎵ ᏅᏓᏳᎾᏄᎪᎢᏍᏗ?
42 क्या पवित्र शास्त्र के अनुसार मसीह का आना दावीद के वंश और उनके नगर बेथलेहेम से न होगा?”
ᏝᏍᎪ ᎪᏪᎵ ᎯᎠ ᏱᏂᎦᏪᎭ? ᎦᎶᏁᏛ ᏕᏫ ᎤᏁᏢᏔᏅᏛ ᎨᏒ ᎤᎾᏄᎪᎢᏍᏗ, ᎠᎴ ᎦᏚᏱ ᎦᏚᎲᎢ ᏕᏫ ᎤᏕᏅᎢ?
43 इस प्रकार मसीह येशु के कारण भीड़ में मतभेद हो गया.
ᎾᏍᎩ ᎢᏳᏍᏗ ᏔᎵ ᏄᎾᏓᏛᎩ ᏴᏫ, ᏅᏓᎦᎵᏍᏙᏗᏍᎬᎩ ᎾᏍᎩ ᎬᏩᏍᏛᏗᏍᎬᎢ.
44 कुछ उन्हें बंदी बनाना चाहते थे फिर भी किसी ने भी उन पर हाथ न डाला.
ᎠᎴ ᎢᎦᏛ ᎤᎾᏓᏑᏴᎩ ᎤᎾᏚᎵᏍᎬᎩ ᎬᏩᏂᏴᏗᏱ; ᎠᏎᏃ ᎥᏝ ᎩᎶ ᏳᏏᏔᏕᎢ.
45 संतरियों के लौटने पर प्रधान पुरोहितों और फ़रीसियों ने उनसे पूछा, “तुम उसे लेकर क्यों नहीं आए?”
ᎿᎭᏉᏃ ᏗᎾᏓᏂᏱᏍᎩ ᎬᏩᏂᎷᏤᎸᎩ ᏄᏂᎬᏫᏳᏒ ᎠᏥᎸ-ᎠᏁᎶᎯ ᎠᎴ ᎠᏂᏆᎵᏏ. ᎯᎠᏃ ᏂᏚᏂᏪᏎᎸᎩ; ᎦᏙᏃ Ꮭ ᏴᎡᏣᏘᏃᎦ?
46 संतरियों ने उत्तर दिया, “ऐसा बतानेवाला हमने आज तक नहीं सुना.”
ᏗᎾᏓᏂᏱᏍᎩ ᎤᏂᏁᏨ ᎯᎠ ᏄᏂᏪᏒᎩ; ᎥᏝ ᎢᎸᎯᏳ ᎩᎶ ᏱᎬᏩᏬᏂᏐ ᎾᏍᎩᏯ ᎯᎠ ᏂᎦᏪᏍᎬ ᎦᏬᏂᏍᎬᎢ.
47 तब फ़रीसियों ने कटाक्ष किया, “कहीं तुम भी तो उसके बहकावे में नहीं आ गए?
ᎿᎭᏉᏃ ᎠᏂᏆᎵᏏ ᎤᏂᏁᏨ ᎯᎠ ᏂᏚᏂᏪᏎᎸᎩ; ᏥᎪ ᏂᎯ ᎾᏍᏉ ᎡᏥᎶᏄᎡᎸ?
48 क्या प्रधानों या फ़रीसियों में से किसी ने भी उसमें विश्वास किया है?
ᏥᎪ ᎩᎶ ᏄᏂᎬᏫᏳᏒ ᎠᎴ ᎠᏂᏆᎵᏏ ᎬᏬᎯᏳᏅ?
49 व्यवस्था से अज्ञान भीड़ तो वैसे ही शापित है.”
ᎯᎠᏍᎩᏂ ᏴᏫ ᏗᎧᎿᎭᏩᏛᏍᏗ ᎾᏂᎦᏔᎲᎾ ᏥᎩ ᎨᏥᏍᎩᏅᏛᎯ.
50 तब निकोदेमॉस ने, जो प्रधानों में से एक थे तथा मसीह येशु से पहले मिल चुके थे, उनसे कहा,
ᏂᎦᏗᎹᏏ, — ᏥᏌ ᏒᏃᏱ ᎤᎷᏤᎸᎯ, ᎾᏍᎩ ᎨᎸᎩ, — ᎾᏍᎩ ᎯᎠ ᏂᏚᏪᏎᎸᎩ;
51 “क्या हमारी व्यवस्था किसी व्यक्ति की सुने बिना और उसकी गतिविधि जाने बिना उसे अपराधी घोषित करती है?”
ᏥᎪ ᏗᎩᎧᎿᎭᏩᏛᏍᏗ ᏚᏭᎪᏓᏁᎰ ᎩᎶ ᎠᏏ ᎾᎦᏛᎦᏁᎸᎾ ᏥᎨᏐᎢ, ᎠᎴ ᏚᎸᏫᏍᏓᏁᎲ ᎠᏙᎴᎰᏒᎯ ᏂᎨᏒᎾ ᏥᎨᏐᎢ?
52 इस पर उन्होंने निकोदेमॉस से पूछा, “कहीं तुम भी तो गलीली नहीं हो? शास्त्रों का मनन करो और देखो कि किसी भी भविष्यवक्ता का आना गलील प्रदेश से नहीं होता.”
ᎤᏂᏁᏨ ᎯᎠ ᏅᎬᏩᏪᏎᎸᎩ; ᏥᎪ ᎾᏍᏉ ᏂᎯ ᎨᎵᎵ ᎮᎯ? ᏣᏲᎦ ᎠᎴ ᎭᎦᏌᏯᏍᏓ, ᏝᏰᏃ ᎨᎵᎵ ᎤᎾᏄᎪᎢᏍᏗ ᏱᎩ ᎠᏙᎴᎰᏍᎩ.
53 [वे सभी अपने-अपने घर लौट गएं].
ᏂᎦᏛᏃ ᏙᏧᏁᏅᏒ ᏫᏙᎤᏂᎶᏒᎩ.

< यूहन्ना 7 >